कार्यशालाएँ एवं गोष्ठियाँ

पुस्तकालय प्रशासन द्वारा समय-समय पर प्रदर्शनियों, कार्यशालाओं एवं गोष्ठियों का आयोजन किया जाता है। 2 जून वर्ष 1990 से साहित्यिक एवं रचनात्मक सृजन एवं संवाद एवं श्रृंखला एवं विचार गोष्ठी ’वैचारिकी’ का आयोजन 26 नवम्बर 1995 को साहित्यकार श्री भूपेन्द्रनाथ शुक्ल प्रणीत काव्य ’नैषधी’ का लोकार्पण एवं विेवेचन संगोष्ठी । 16 जनवरी 1997 को बीते साल के सवाल पर नगर की अन्य साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था अनुष्ठान द्वारा ’बीते साल क सवाल’ पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। 9 सितम्बर 1998 को भारतेन्दुजयन्ती समारोह के अवसर पर दुर्लभ पत्र-पत्रिकाओं का एवं रंग यात्रा प्रदर्शनी का अयोजन। 23 जून 1999 को नौटकी की वर्तमान स्थिति/संरक्षण संर्वधन की आवश्यकता पर आयोजित संगोष्ठी। 8 मार्च 2000 को अन्र्तराष्टीय महिला दिवस पर महिला सम्मेलन व विचार गोष्ठी व कार्यशाला का आयोजन। वर्ष 2000-01 में अन्र्तराष्टीय महिला के अवसर पर तीन दिवसीय ’महिलाओं के समक्ष मौजूदा चुनौती’ विषय पर संगोष्ठी एवं कार्यशाला का आयोजन रखा गया, जिसमें सभी वर्गो की महिलाओं की सहभागिता रही। 29 नवम्बर से 3 दिसम्बर 2004 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा स्थापित राष्ट्रीय पाण्डुलिपि मिशन के अन्र्तगत उन्नाव जनपद के पाण्डुलिपियों का राजकीय जिला पुस्तकालय द्वारा वृहद् सर्वेक्षण एवं सरंक्षण कार्यक्रम का आयोजन। महात्मा कबीर के 600वंे जन्मदिवस पर पोस्टर प्रदर्शनी, कवि गोष्ठी, चित्रकला प्रदर्शनी रखी गयी। अपने जन्म के 600 वर्ष बाद ’कबीर’ विषय पर एक विचार गोष्ठी भी आयोजित हुई। समापन एक जुलूस के साथ हुआ। वर्ष 2005 में सांस्कृतिक गतिविधियों के अन्र्तगत कविताओं एवं कहानियों का मंचन। नेशनल बुक ट्रस्ट, नई दिल्ली एवंउन्नाव जिला पुस्तकालय प्रशासन के सहयोग से पुस्तक मेलें का आयोजन किया जाता हैपुस्तक मेलंे के दौरान सांध्यकालीन कार्यक्रम के अन्र्तगत मुम्बई/दिल्ली के लब्ध प्रतिष्ठित कलाकार /सांस्कृतिक केन्द्रइलाहाबाद, कथक संस्थान, लखनऊ संगीत नाट्य एकेडमी, अनुष्ठान इलाहाबाद, द्वारा रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। जैसे अनूप जलोटा, साबरी ब्रदर्स, पीनाज मसीन अग्निहोत्री बन्धु इत्यादि। पुस्तक मेलंे को आर्कषक बनाने हेतु शिल्प मेलंे का आयोजन द्वितीय उन्नाव पुस्तक मेलंे से प्रारम्भ किया गया। पुस्तकालय के पुस्तक मेलें के प्रति विद्यार्थियों एवं नवयुवकांे की बढ़ती जागरूकता को देखते हुए द्वितीय मेलंे से कैरियर काउसलिंग का आयोजन जिला सेवा योजन अधिकारी, जीएम डी0 आई0 सी0, जिला विद्यालय निरीक्षक महोदय के सहयोग से किया जाता है। पुस्तक मेलंे में स्वास्थ्य, शिक्षा, सफाई, सवैधानिक एवं मौलिक अधिकार आदि विषयों पर वाद-विवाद, रंगोली एवं निबन्ध प्रतियोगिता जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं डिग्री कालेज के सहयोग से तथा विभिन्न विभागों जैसे जल निगम, डूडा, सिंचाई विभाग आदि द्वारा विभिन्न कार्याशालाओं का आयोजन किया जाता है। महिलाओं की सहभागिता एवं पुस्तकोें के प्रति जागरूकता के लिए सास-बहू सम्मेलन जैसे कार्यक्रम एवं विभिन्न नाट्यमंचनो का भी आयोजन स्वास्थ्य विभाग, पंचायती राज विभाग, ग्राम विकास विभाग एवं डिप्सा आदि द्वारा किया जाता है पुस्तक मेलेंमें राष्ट्रीय स्तर पर साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन एवं सांयकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन राजकीय जिला पुस्तकालय द्वारा जिला प्रशासन, जिला सांस्कृतिक, एवं विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के सहयोग से किया जाता है जिससे देश के लब्ध प्रतिष्ठित साहित्यकारों यथा चित्रा मुद्गल, श्री परमानन्द श्रीवास्तव, श्री वी0एन0राय, श्री अशोक बाजपेई, श्री रमेश दीक्षित, श्री सुरेश सलिल, श्री राजेन्द्र यादव आदि को आमन्त्रित किया जाता है जिससे जनपद की साहित्यिक एवं बौद्धिक परम्परा की निरन्तरता बनी रहे। पुस्तक मेलंे में राष्ट्रीय स्तर का मुशायरा कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाता है। जिसमें देश के प्रख्यात शायर कवियों- शहरयार साहब, मलिक जदा मंजूर, अंजुम रहबर, कलीम केसर, इकबाल असर, नीरज कुंवर बेचैन आदि की उपस्थिति कार्यक्रम के गौरव को बढाती है। वर्ष 2013 में 20 अक्टूबर को डाॅ0 रामविलास शर्मा शताब्दी सम्पूर्ति समारोह का आयोजन किया गया जिसमें प्रमुख वक्ता डाॅ0 शर्मा, डाॅ0 दया दीक्षित , डाॅ0 कृष्ण ने सहभागिता की।

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