चलो चले हमारे सार्वजनिक पुस्तकालय की ओर

सूचना एवं अधिकार का निस्चित स्रोत

पुस्तक संग्रह

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कैरियर गाइडेंस प्रोग्राम्स

पत्रिकाओं एवं सामयिकों का अनुपम संग्रह भी पुस्तकालय में उपलब्ध है। जिनमें साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक एवं त्रैमासिक पत्रिकाओं का संग्रह पुस्तकालय में किया जाता है। यथा मासिक पत्रिकाओं में प्रतियोगिता दर्पण, क्रोनिकल, कॅम्पीटशन सक्सेज, क्रिकेट सम्राट, मेरी सहेली, नया ज्ञानोदय, हंस, योजना आदि प्रमुख है। फेमिना, आउटलुक, सरिता, आदि पाक्षिक पत्रिकाएँ है। साप्ताहिक रूप से इण्डिया टुडे पुस्तकालय

सामयिकों का अनुपम संग्रह

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सामयिकों का अनुपम संग्रह

पत्रिकाओं एवं सामयिकों का अनुपम संग्रह भी पुस्तकालय में उपलब्ध है। जिनमें साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक एवं त्रैमासिक पत्रिकाओं का संग्रह पुस्तकालय में किया जाता है। यथा मासिक पत्रिकाओं में प्रतियोगिता दर्पण, क्रोनिकल, कॅम्पीटशन सक्सेज, क्रिकेट सम्राट, मेरी सहेली, नया ज्ञानोदय, हंस, योजना आदि प्रमुख है। फेमिना, आउटलुक, सरिता, आदि पाक्षिक पत्रिकाएँ है। साप्ताहिक रूप से इण्डिया टुडे पुस्तकालय

 Book Fair Eventsपुस्तक मेला आयोजन

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पुस्तक मेंला आयोजन

अन्तराष्ट्रीय पुस्तक वर्ष 2000-01 के अवसर पर जारी शासनादेश के क्रम में नेशनल बुक ट्रस्ट, नई दिल्ली एवं उन्नाव जिला प्रशासन के सहयोंग से प्रथम उन्नाव पुस्तक मेलें का चार दिवसीय आयोजन दिनांक 20 अप्रैल 2002 से 23 अप्रैल 2002 तक सम्पन्न हुआ जिसका उद्घाटन प्रख्यात साहित्यकार श्री गिरिराज किशोर जी द्वारा हुआ। द्वितीय उन्नाव पुस्तक मेलें का छः दिवसीय आयोजन मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार

श्री विश्वम्भर दयालु त्रिपाठी राजकीय जिला पुस्तकालय, उन्नाव (उ0प्र0)

पुस्तकालय की स्थापना

पुस्तकालय की स्थापना

प्रदेश में समाज के प्रत्येक वर्ग ( आयु/जाति) के व्यक्ति को ज्ञान की उपलब्धता सुनिश्चित कराने एवं स्वाध्याय द्वारा व्यक्तित्व विकास एवं सामाजिक चेतना समाज के प्रत्येक व्यक्ति

पुस्तकालय भवन

पुस्तकालय भवन

पुस्तकालय भवन की संरचना पाठको की सुविधा को ध्यान में रखकर की गई है। पुस्तकालय में पाठकों हेतु अध्ययन कक्षों में उचित प्रकाश, शुद्ध हवा हेतु खिड़कियों एवं बिजली की पर्याप्त व्यवस्था

पुस्तकालय सेवाएँ

पुस्तकालय सेवाएँ

पुस्तकालय का स्वरूप सम्पूर्णता लिए हुए निम्न सेवाएँ प्रदान कर रहा है- जिनमें 1. वाचनालय 2. बाल प्रभाग 3. पुराभिलेख विभाग 4. सन्दर्भ विभाग 5. पाण्डुलिपि विभाग 6. सामान्य

पुस्तकालय सदस्यता

पुस्तकालय सदस्यता

पुस्तकालय में नियमित एवं अनियमित पाठको की अनुमानित संख्या लगभग 6000 है। पुस्तकालय का सदस्य बनने हेतु कुछ विशेष नियमों का प्रावधान किया जाता है। जिसमें सदस्यता प्राप्त

राजकीय जिला पुस्तकालय उन्नाव (उ0प्र0)

उन्नाव ’उत्तर प्रदेश’ प्रान्त एक जिला है। यह लखनऊ तथा कानपुर के मध्य में स्थित है, यह दो शहरों को जोड़ता हुआ एक जनपद है। उन्नाव को हिन्दी साहित्यकारों एवं देशभक्तों के नाम से जाना जाता है।

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पुस्तकालय सेवाएँ

पुस्तकालय का स्वरूप सम्पूर्णता लिए हुए निम्न सेवाएँ प्रदान कर रहा है- जिनमें 1. वाचनालय 2. बाल प्रभाग 3. पुराभिलेख विभाग 4. सन्दर्भ विभाग

सामयिकों का संग्रह

पत्रिकाओं एवं सामयिकों का अनुपम संग्रह भी पुस्तकालय में उपलब्ध है। जिनमें साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक एवं त्रैमासिक पत्रिकाओं का संग्रह

सूचना सेवा

वेब साइट द्वारा जनपद के सार्वजनिक पुस्तकालयों में उपलब्ध पुस्तकों की जानकारी एवं दुर्लभ पाण्डुलिपियों की उपलब्धता।

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